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‘‘अनशन स्थल पर ही दम तोड़ दूंगा, लेकिन हिलूंगा नहीं‘‘ आमरण अनशन पर बैठे मोहित डिमरी के स्वास्थ्य में भारी गिरावट, अस्पताल में भर्ती करने की सलाह

Sep 1, 2022
आमरण अनशन पर बैठे मोहित डिमरी के स्वास्थ्य में भारी गिरावट
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रुद्रप्रयाग। भर्ती घोटालों की जांच की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल के युवा नेता मोहित डिमरी का आमरण-अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। डॉक्टरों के मुताबिक मोहित डिमरी के स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आ रही है। उनका वजन तेजी से घट रहा है। डॉक्टरों ने कहा कि मोहित की बॉडी में कीटोन बनने लगे हैं। उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। उन्हें जल्द हॉस्पिटल में भर्ती करना जरूरी है।

अनशनकारी मोहित डिमरी ने कहा कि जब तक भर्ती घोटालों की जांच नहीं हो जाती, वह आमरण-अनशन से नहीं उठेंगे। वह अनशन स्थल पर ही दम तोड़ देंगे, लेकिन हिलेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि आखिरी दम तक युवाओं और महिलाओं के बेहतर भविष्य के लिए लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि नेताओं ने बैकडोर से अपने रिश्तेदारों को नौकरियां दी है। जबकि प्रदेश के युवा धक्का खा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक विधानसभा और अन्य भर्तियों में धांधलियों की सीबीआई जांच नहीं हो जाती, वह भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे। वहीं हर दिन स्वास्थ्य जांच कर रहे डॉ अमित सिंह ने बताया कि मोहित के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है। उनका वजन तेजी से घट रहा है।

मोहित के समर्थन में जुटने लगे हैं लोग
धरना स्थल पर भूख हड़ताल पर बैठे उक्रंाद नेता मोहित डिमरी के समर्थन में अब लोगों की भीड़ भी जुटनी शुरू हो गइ है। लोगों का कहना है कि उत्तराखंड क्रांति दल युवाओं और महिलाओं के हितों की लड़ाई लड़ रहा है। नौकरियों में उत्तराखंड से बाहर की महिलाओं को भी 30 प्रतिशत आरक्षण मिलने जा रहा है। उक्रांद की मांग है कि उत्तराखंड की महिलाओं को ही आरक्षण का लाभ दिया जाय। आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म होनी चाहिए। उक्रंाद नेता बुद्धिबल्लभ ममगांई एवं कमल रावत ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने बारी-बारी से उत्तराखण्ड को लूटने का काम किया है। मोहित डिमरी की भूख हड़ताल को चार दिन का समय हो गया है और आज तक धरना स्थल पर कोई भी सक्षम अधिकारी के साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचे हैं। इससे साफ है कि सभी लोग फर्जी घोटालों में मिले हुए हैं। कांग्रेस और भाजपा ही फर्जी भर्तियों में मिले हुए हैं। कांग्रेस जहां मामले में सीबीआई की मांग कर रही है, लेकिन आमरण अनशन करने को तैयार नहीं हैं। विपक्ष की भूमिका में कांग्रेस कमजोर नजर आ रही है। उक्रांद ही एक ऐसा दल है जो युवाओं के भविष्य को लेकर चिंतित है।

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