• Thu. Feb 22nd, 2024

The uk pedia

We Belive in Trust 🙏

मानसून की पहली बारिश ने खोल डाली नगर निगम श्रीनगर की पोल

Jun 26, 2023
Spread the love

श्रीनगर। श्रीनगर में एक ही बारिश ने नगर निगम की साफ-सफाई, एनएच के इंजीनियरों व जल निकासी के इंतजामों की पोल खोलकर रख दी। शहर का कोई भी वार्ड, मार्ग ऐसा नहीं था, जिसमें पानी न भरा हो। चाहे मुख्य मार्ग हो या फिर गलियां सभी पानी से लबालब नजर आए। काफी दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से परेशान आमजन को रविवार को बारिश तो राहत मिली। रविवार को सुबह से आसमान में काली घटाएं छाई हुई थीं। जोरदार बरसात ने लोगों को जहां गर्मी से निजात दिलाई वहीं बदइंतजामी का दंश भी शहरवासियों को झेलना पड़ा। गलियों में भरे पानी के कारण लोग घरों में कैद होकर रह गए। वहीं जो निकले उनको जल भराव के कारण परेशान होना पड़ा। एनएच विभाग द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनाई गयी नालिया चौक और लम्बे समय से साफ-सफाई न होने के व अधिकांश जगहों पर पानी की निकासी न होने कारण पूरा पानी बाजार की ओर जा घुसा। जिससे श्रीनगर के मुख्य बाजार गणेश बाजार, गोला बाजार, संयुक्त चिकित्सालय, नेशनल हाईवे पर एनआईटी के सम्मुख सहित लोवर भक्तियाना में जलभराव के कारण दुकानों के अंदर पानी जा घुसा। जिससे अधिकांश व्यापारियों का सामान पानी से खराब हो गया।

सामाजिक कार्यकर्ता अनूप बहुगुणा ने कहा कि बारिश होना से गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन शहर में जलभराव से लोगों और व्यापारियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पडा। शहर में जगह-जगह जल भराव होने से राहगीरों को चलना तक मुश्किल हो गया है। कहा कि एन एच में बनी नालियों में साफ-सफाई व निकासी न होने के चलते जलभराव की समस्या देखने को मिल रही है। उन्होंने नगर निगम और एनएच के अधिकारियों से समय-समय पर हाईवे पर बनी नालियों की सफाई करवाएं जान की मांग की है। भक्तियाना निवासी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विजयलक्ष्मी रतूड़ी ने कहा कि भक्तियाना में हर बार ड्रेनेज सिस्टम फेल हो जाता है। कहा कि एन एच प्रशासन की ओर से बनाई गई नालियां भी किसी काम नहीं आ रही। छोटी मोटी बरसात में भी यहां जलभराव होना शुरू हो जाता है, इस समस्या से प्रशासन वाकिफ है, लेकिन एनएच, नगर निकाय और स्थानीय प्रशासन अभी तक इसका समाधान नहीं निकाल पाई है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page